चिकन गुनिया – घरेलू इलाज

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चिकन गुनिया क्या है? चिकन गुनिया से क्या होता है? और इसकी पहचान क्या है?
चिकन गुनिया एक मच्छर के काटने के फलस्वरूप रोग बन जाता है l आइये अब आपको इस बीमारी के की पहचान के विषय में बताते हैं l
इससे जोड़ों में दर्द, सर दर्द, एवं उलटी और जी मतलाने लगता है, और शरीर बेजान होता चला जाता है l अगर यह सब बातें किसी के अंदर पाई जाती है तो समझ लेना चाहिए कि इस रोग ने उसके शरीर पर हमला कर दिए है l इसका उपचार किसी अच्छे चिकित्सक से कराना चाहिए l लेकिन अगर आप घरेलु उपचार पर भरोसा करते हैं तो देशी जड़ी बूटियों से इसका इलाज हो सकता है l
उपचार के लिए सबसे पहले अपने रहने के स्थान को साफ़ सुथरा और स्वच्छ रखिये फिर निम्न औषधियों द्वारा अपना इलाज आरम्भ कीजिये l
देशी जड़ी बूटियों द्वारा इलाज को यूनानी एवं आयुर्वेदिक कहा जाता है l दोनों पद्धाति एक ही हैं परन्तु भाषाओँ का अंतर है l इसके प्रयोग से आप शीघ्र ही आराम महसूस करेंगे l
1 –  तुलसी, नीम और किशमिश:
15 पत्ते तुलसी के और 15 पत्ते नीम के और 10 दाने किशमिश के लें, और इन सब को एक गिलास पानी में पकाएं l
पानी आधा होने पर चूल्हे से उतार लें, और ठंडा होने पर इस पानी को पी जाएं l इस प्रकार दिन में दो बार करना है l आप अपने रोग को भागने में सफलता पाएंगे l 
2 – पपीते के पत्ते:
पपीते के पत्तों के जूस के विषय में लोग केवल डेंगू भगाने में उपयोग करते हैं जबकि ये चिकन गुण्या को भी जड़ से साफ़ करता है तथा आश्चर्य जनक नतीजे मिलते हैं l ज्वर शरीर को घेरता है और प्लटेलेस नीचे आनीशुरू हो जाएं तो ये औषधी ज़बरदस्त काम करती है l पपीते के पत्तों का आधा कप जूस लेकर नारियल पानी में मिलाकर पीने से रोग मुक्त हुआ जा सकता है l इसके सेवन दिन तीन से चार बार करना चाहिए l
3 – गिलोय :
गिलोय एक तरह से पेड़ों पर फैली हुई बेल होती है जो सीडी पेड़ों के ऊपर फैलती रहती है l नीम पर फैली हुई बेल अधिक फायदेमंद होती है l इसका तीन चम्मच जूस पिलाने से अत्यधिक लाभ होता है l कड़वा अधिक होने के कारण कुछ परेशानी होती है इसलिए इसे नारिया पानी में मिलाकर पिया जा सकता है, आप देखेंगे कि इससे आश्चर्यजनक लाभ होगा l
4 – अंगूर:
बीज रहित अंगूर को गाए के गरम दूध में डाल कर रख दीजिये और बीस मिनट बाद अंगूर कहते रहिये और दूध का सेवन करते रहिये l इससे चिकन गुनिया के वायरस समाप्त हो जाते हैं और मरीज़ को शीघ्र आराम मिलना शुरू हो जाता है l
इस रोग अधिक परेशानी जोड़ों के दर्द से होती है और इसके लिए हम आपको आसान सा फार्मूला बताते हैं l लौंग के तेल में लहसुन को पीस कर जोड़ों पर मालिश करें और ऊपर से सूती कपडा बांध लें l इससे भी आपको आश्चर्यजनक फायदा होगा l
चिकन गुनिया के रोगियों को अपने खान पान को लेकर बहुत ध्यान देना चाहिए l टमाटर और गाजर का सूप घर पर ही तैयार करें और प्रयोग करें l इससे शरीर को अच्छी मात्रा में विटामिन “ए” मिलेगा जिससे शरीर को आराम मिलेगा और आप आराम महसूस करेंगे l
हरी पत्तेदार सब्ज़ियां: रोगी को हरी पत्तेदार सब्ज़ी ही खिलाएं जिससे हाज़मा ठीक रहे और खून बनता रहे ऐसा करने से भूक भी बढ़ेगी और शरीर स्वस्थ रहेगा तथा रोग भी जल्दी ठीक होगा l
दालें: दालों में केवल पीली दाल का ही इस्तेमाल करें l ऐसा करने से प्रोटीन की कमी दूर होगी और पेट हल्का फुल्का रहेगा l

मुहम्मद मुर्तज़ा आज़ाद

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