एच अस लॉ अकादमी’ का विधि शिक्षा प्रणाली में क्रांति!

अच्छी शिक्षा पाना हर छात्र का सपना होता है ! अच्छी शिक्षा के तलाश में छात्र अपने घर से मीलो दूर जाता है और बहुत पैसे खर्च करता है, परन्तु तब भी अच्छी शिक्षा उसे प्राप्त होगी की नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं है ! अच्छे शिक्षक की कमी हमेशा से रही है, कोई भी शिक्षण संसथान तभी अच्छा माना जाता है जब उसमे अच्छे शिक्षक होते है ! बड़े शहरों से लेकर छोटे शहरो में उच्च शिक्षा का स्तर उतना अच्छा नहीं ! आज कल कोचिंग का व्यापार ज़ोरो पर है ! अभिभावक अपनी खून पसीने की कमाई कोचिंग या प्राइवेट संस्थानों पर खर्च करते है ! विधि शिक्षा क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है!

इन सारे समस्याओ का समाधान करने के उद्देश्य से ‘एच अस लॉ अकादमी, इ-लीगल पोर्टल’ की शुरुआत भारत के सर्वश्रेत्र विश्वविद्यालय ‘नलसर यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ’ के पूर्व  विद्वान विधि रिसर्च छात्रों ने की ! ‘एच अस लॉ अकादमी’ मुफ्त में वर्ल्ड क्लास विधि शिक्षा को इंटरनेट के माध्यम से उपलब्ध करा रहा है  ! ‘एच अस लॉ अकादमी’ का उद्देश्य है की भारत अवं एशिया में विधि शिक्षा पद्धति को वर्ल्ड क्लास एवं मुफ्त बनाये ! यह अकादमी का उद्देश्य समस्त जन मानस खास कर के जो विधि जगत से जुड़े हुए है उनके ज्ञान एवं सीखने की पद्वति को सर्वश्रेत्र बनाना है! आप का बच्चा चाहे छोटे शहर में हो या बड़े शहर में, आप के पास कोचिंग फीस जमा करने के लिए पैसे न हो या आपके  बच्चे को बैंगलोर या हैदराबाद जैसे विधि  विश्वविद्यालयों में दाखिला न मिला  हो तो घबराये नहीं, ऑनलाइन इंटरनेट के माध्यम से ‘एच अस लॉ अकादमी’ की टीम आप के बच्चे को वर्ल्ड क्लास नॉलेज देंगे वह भी मुफ्त!

‘एच अस लॉ अकादमी’ समस्त विधि परीक्षाएं एवं प्रतिस्पर्धिक  परीक्षाओं की तयारी मुफ्त में कराएगा, एवं  जो छात्र विधि की पढाई कर रहे है उनके लिए लीगल इवेंट्स नाम का कॉलम शुरू किया है जिससे बच्चे प्रतिदिन की विधिक क्षेत्र की ख़बरों से अवगत रहें ! अकादमी में पढाई की पद्धति एकदम अद्भुत है! सभी ऑनलाइन मेडियम्स को सम्मिलित करके शिक्षा दी जाएगी!

इस अकादमी की शुरुआत श्री हबीब ज़फर खान, फाउंडर के एक विचार से हुई ! श्री हबीब, गोरखपुर के विधि कॉलेज सत. एंड्रू’स से अपने विधि स्नातक में अव्वल रहे, फिर उन्हों ने क्लैट LLM में उच्च रैंक प्राप्त कर देश के सबसे सर्वश्रेत्र नलसर लॉ विश्वविद्यालय हैदराबाद में प्रवेश लिया वहा भी उन्हों ने विश्वविद्यालय में तीसरा स्थान प्राप्त किया, फिर वही वह रिसर्च एसोसिएट की नौकरी करने लगे ! पिता की अचानक  तबियत ख़राब होने पर वह गोरखपुर पिता की देख भाल   करने आ गए, इसी बीच उन्हों ने अपने नलसर लॉ विश्वविद्यालय के सीनियर श्री सर्वेश कुमार शाही से संपर्क किया और एक विधि शिक्षा प्रणाली   में क्रांति लाने की बात कही और ऑनलाइन विधि अकादमी का निर्माण करने की बात कही ! श्री सर्वेश ने पूरी तरह से इस अकादमी के उद्देश्य को पूरा करने का इरादा किया! इसी बीच देश के बड़े बड़े विधि विश्वविद्यालयों के विद्वान भी अकादमी से जुड़ गए जिसमे श्रीमती दिव्या सिंह राठौर, श्रुति कक्कर, मिस लिपिका, श्री अनूप यादव, अभिनव सिंह, प्रमोद भरद्वाज आदि! सभी विधि क्षेत्र के जाने माने रिसर्च स्कॉलर, शिक्षक अवं जानकार  है !

अकादमी चलाना इनके लिए आसान नहीं था ऑनलाइन सॉफ्टवेयर वेबसाइट बनाने के लिए एक बड़े धन राशि की जरुरत थी !इसके लिए श्री हबीब ने अपने अंकल श्री हबीबुल्लाह खान को संपर्क किया और उनके सामने अपने विचार रखे. श्री हबीब की सराहना करते हुए उनके अंकल श्री हबीबुल्लाह वित्तीय सहायता के लिए तैयार हो गए, आज वह अकादमी के चेयरमैन के पद पर है! ऑनलाइन सॉफ्टवेयर वेबसाइट बनाने में श्री तमशील सिद्दीकी, चीफ टेक्नोलॉजी ऑफीसर  अवं श्री सलीम खान असिस्टेंट टेक्नोलॉजी ऑफिसर ने पूरा सहयोग दिया!

आज यह अकादमी अपनी खुद की पब्लिकेशन के कुछ किताबें प्रकाशित भी कर चुकी है और ‘इंडियन जर्नल ऑफ़ लीगल रिसर्च’ नामक विधि जर्नल और UGC नेट पर किताब ला चुकी है और ebook भी लांच करने जा रही है! पूरे भारत के अलग अलग हिस्सों से छात्रों को ऑनलाइन इंटर्नशिप प्रदान कर रहे है अवं मास्टर्स, पीएचडी, एडवोकेट्स, रिसर्च स्कॉलर्स को भी ऑनलाइन इंटर्नशिप दे रही है जो अपने आप में एक कृतमान है! पूरे भारत में पहले बार क्लैट LLM  के 30 छात्रों  को मुफ्त में ऑनलाइन तैयारी कराने जा रही है ! अकादमी इस उद्देश्य से आगे बढ़ रही है की  विश्व भर के सारे विधि स्कालर्स को अकादमी के प्लेटफार्म पर लाना है और सभी विधि छात्रों की विधि शिक्षा की समस्त सामग्री अद्भुत और आसान तरीके से उपलब्ध कराना है! ‘एच अस लॉ अकादमी’ को UNACADEMY या KHAN अकादमी के तरह पूछने पर श्री हबीब ने बताया की नहीं वह दोनों अकादमी अपने अपने क्षेत्र में काम कर रही है और हमारी अकादमी विधि शिक्षा क्षेत्र में काम कर रही है लेकिन उन्हों ने यह बताया की उनका कांसेप्ट उन दोनों से बहुत व्यापक और बड़ा है! अगर वित्तीय सहायता कही से मिली तो उनकी  अकादमी पूरे विश्व भर में विधि शिक्षा जगत में एक क्रांति ला देगी ! उन्हों ने कहा न की सिर्फ विधि शिक्षा बल्कि विधि पेशे को भी वर्ल्ड क्लास बनाने की उनकी योजना है! जैसे जैसे वित्तीय प्रबंध होते जाएंगे वैसे वैसे वह अपनी योजनाओ को धरातल पे लाएंगे जिसमे मोबाइल अप्प अवं सोशल नेटवर्क एवं  सोशल मीडिया वेबसाइट बनाने की योजना है!

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