गौरक्षा: राज्य अपनी ज़िम्मेदारी से भाग नहीं सकते : सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने भारत के 22 राज्यों के मुख़्य सचिवों से कथित गौरक्षक समूहों से सख्ती से निपटने के लिए तंत्र बनाने के उसके आदेश के अनुपालन रिपोर्ट तैयार करने को कहा हैl उच्चतम न्यायालय ने कहा है “कोई भी अपनी ज़िम्मेदारियों से भाग नहीं सकता “l उच्चतम न्यायालय ने 6 सितम्बर को सभी 29 राज्यों और सात केंद्र शासित प्रदेशों को गौरक्षा के नाम पर किसी भी तरह की घटना न हो ये सुनिश्चित करने को कहा है, और निर्देश दिया था कि गौरक्षक समूहों पर नज़र रखी जाए तथा सप्ताह के अंदर हर ज़िले में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए l उच्चतम न्यायलय के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा “अनुपालन रिपोर्ट सौंपिये, कोई भी अपनी ज़िम्मेदारी से भाग नहीं सकता, हम सभी राज्यों को निर्देश देंगे”l न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ में न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर तथा न्यायमूर्ति डी. वाई. भी शामिल थेl अदालत को संक्षिप्त सुनवाई के दौरान जानकारी दी गई कि उत्तर प्रदेश, झारखण्ड, कर्नाटक, गुजरात और राजस्थान अपने अनुपालन हलफ़नामे कोर्ट में दायर कर चुके हैं और बिहार तथा महाराष्ट्र इसे आज दायर कर देंगेl अदालत ने इसके बाद बाक़ी 22 राज्यों के वकीलों से 13 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट दायर करने को कहा तथा इसके साथ ही जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के लिए 31 अक्टूबर की तिथि तय की l जहां याचिकाओं में एक याचिका महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी की भी हैl ध्यान रहे कि कथित गौरक्षक समूहों की गुंडा गर्दी रोकने के अदालत में विभिन्न लोगों ने जनहित याचिकाएं दायर की थीं l

मुहम्मद शोएब

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