शब्द!

देहरा मसीत सोई पूजा औ नमाज ओई
मानव सबै एक पै अनेक को भ्रमाऊ है ।
देवता अदेव जच्छ गंधर्व तुरक हिन्दू
न्यारे-न्यारे देसन के भेस कौ प्रभाऊ है ।
एकै नैन एकै कान एकै देह एकै बान
खाक बाद आतश औ आब कौ रलाऊ है ।
अल्ला अभेस सोई पुरान औ कुरान ओई
एक ही सरूप सोई एक ही बनाऊ है ।

गुरु गोविन्दसिंह जी महाराज

सादर: राम मोहन राय जी, पानीपत 

शायद आपको ये भी अच्छा लगे लेखक की ओर से अधिक