सहिष्णुता को लेकर जनता चिंतित : राहुल गाँधी

अप्रवासी भारतियों को कांग्रेस के साथ काम करने के लिए आमंत्रित किया

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गाँधी ने अमरीका में छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि कई लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि भारत में सहिष्णुता कि परंपरा को क्या हुआ? उन्होंने बताया कि “मैंने यात्रा के दौरान कई मुद्दों पर बातचीत की! ज़्यादातर लोग इस बात को लेकर चिंतित थे कि भारत में सहिष्णुता को क्या हुआ” उन्होंने कहा कि “अप्रवासी भारतीयों के पास विभिन्न क्षेत्रों की ज़बरदस्त जानकारी और समझ होती है” उन्होंने अप्रवासी भारतीयों को कांग्रेस के साथ काम करने के लिए आमंत्रित किया! उन्होंने कहा कि अगर भारत को लाखों नौकरियां पैदा करनी हैं तो उसे छोटे और मध्य उद्योगों को सशक्त बनाना होगा! राहुल ने कहा कि “हिंसा से ग्रस्त दुनिया में कई देश भारत की ओर उम्मीद से देख रहे हैं और वे कह रहे हैं कि 21वीं सदी का जवाब भारत के पास हो सकता है! संभवत: 21वीं सदी में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का जवाब भारत के पास हो सकता है! इसलिए हम अपनी बेहद बहुमूल्य संपत्ति को खो नहीं सकते!
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी ने कहा कि भारतीयों को नया विचार अपनाने में समय लगता है लेकिन जब वे उसे समझ जाते हैं तो वे उसे तुरंत अपना लेते हैं! ज्ञात रहे कि उन्होंने ये बात उन दिनों को याद करते हुए कही कि जब 80 के दशक में तब के प्रधानमंत्री और उनके पिता राजीव गाँधी ने प्रधानमंत्री कार्यालय में कंप्यूटर से कामकाज कि शुरुआत की तो उन्हें काफी विरोध का सामना करना पड़ा था! उन्होंने कहा 1982 में कोई नहीं समझता था कि कंप्यूटर क्या होता है! उन्होंने कहा कि मेरे लिए भी ये छोटे से बॉक्स की तरह था जिस पर टीवी स्क्रीन लगा हुआ था!

मुहम्मद शोएब

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